लखनऊ • 20 अक्टूबर 2026
मुख्य बातें
- एलडीए ने जिले के सभी 662 राजस्व गांवों को अपने विकास क्षेत्र में शामिल करने का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा है।
- लीडा और छावनी क्षेत्र को छोड़कर पूरे लखनऊ जिले में एलडीए का विकास क्षेत्र बढ़ाने की तैयारी है।
- सीमा विस्तार का निर्णय एलडीए बोर्ड की 181वीं बैठक में हुआ था। तीन साल पहले प्रस्ताव शासन को गया, पर फैसला नहीं हुआ।
- अब शासन के निर्देश पर उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने गांवों की सूची (अंग्रेज़ी अनुवाद सहित) और नगर विकास व पंचायती राज विभाग की टिप्पणियों के साथ प्रस्ताव फिर भेजा है।
- यह अभी प्रस्ताव है। शासन की मंज़ूरी के बाद ही गांव एलडीए क्षेत्र में आएंगे।
क्या हुआ है
हिन्दुस्तान के लखनऊ संस्करण (20 अक्टूबर) के अनुसार लखनऊ विकास प्राधिकरण ने जिले के सभी 662 राजस्व गांवों को एक बार फिर अपने विकास क्षेत्र में शामिल करने के लिए संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा है। मंज़ूरी मिलने पर शहर के साथ ग्रामीण और बाहरी इलाकों के विकास की नई रूपरेखा बन सकेगी।
शासन के आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग के निर्देशों और एलडीए बोर्ड की 181वीं बैठक में सीमा विस्तार का निर्णय लिया गया था। इसके बाद तीन वर्ष पहले प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन फैसला नहीं हो पाया। अब शासन के निर्देश पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने संशोधित प्रस्ताव फिर भेजा है। इसमें सभी 662 गांवों की सूची, उसका अंग्रेज़ी अनुवाद, और नगर विकास विभाग व पंचायती राज विभाग की आख्या और टिप्पणियां शामिल हैं।
एलडीए के अनुसार गांवों को क्या फायदा होगा
- गांवों और बाहरी इलाकों में सड़क, पार्क, ग्रीन बेल्ट और सीवरेज की योजनाबद्ध व्यवस्था।
- बिना स्वीकृत लेआउट के प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का दायरा बढ़ेगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों को शहर की मुख्य सड़कों और परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजनाएं बनाना आसान होगा।
- नई आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं की संभावना, और भूमि उपयोग की व्यवस्थित योजना।
रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि शासन कब तक फैसला लेगा, और न ही गांवों की सूची सार्वजनिक की गई है। सूची या मंज़ूरी आने पर हम यह खबर अपडेट करेंगे।
खरीदारों के लिए इसका मतलब
- "एलडीए क्षेत्र से बाहर है, नक्शा पास नहीं कराना पड़ेगा" वाला दावा अब जोखिम भरा है। प्रस्ताव मंज़ूर हुआ तो ऐसे गांवों में बिना स्वीकृत लेआउट की प्लॉटिंग पर एलडीए कार्रवाई कर सकेगा।
- गांव में प्लॉट खरीद रहे हैं तो पूछें कि कॉलोनाइज़र के पास किस प्राधिकरण से लेआउट स्वीकृत है, और खतौनी में ज़मीन किसके नाम है। अवैध कॉलोनी कैसे पहचानें।
- विकास क्षेत्र में आने से सड़क-सीवर जैसी सुविधाओं की योजना बनती है, जिससे ज़मीन की मांग बढ़ सकती है। पर यह अभी प्रस्ताव है, इसलिए "जल्द एलडीए में आ रहा है" कहकर ऊंची कीमत मांगने वालों से सावधान रहें।
- एलडीए की मौजूदा योजनाएं और पंजीकरण: एलडीए योजनाओं की पूरी गाइड।
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स्रोत: हिन्दुस्तान, लखनऊ संस्करण, 20 अक्टूबर 2026 (प्रिंट)