लखनऊ • 6 अक्टूबर 2026 की खबर

मुख्य बातें

  • आईटी सिटी का कुल दायरा करीब 1,054 हेक्टेयर है। इसमें से करीब 500 हेक्टेयर लैंड पूलिंग से मिल चुका है।
  • करीब 200 हेक्टेयर ग्राम समाज की जमीन है, जिसकी कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
  • बाकी 300 हेक्टेयर उन किसानों की निजी जमीन है जिन्होंने लैंड पूलिंग में जमीन नहीं दी — इसका अब अधिग्रहण होगा।
  • मुआवजा: ग्रामीण क्षेत्र में डीएम सर्किल रेट का 4 गुना, शहरी क्षेत्र में 2 गुना। प्रस्ताव डीएम को भेजा गया है।

किन गांवों की जमीन

अमर उजाला के अनुसार आईटी सिटी में ये गांव शामिल हैं: बक्कास, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, मोहारी कलां, खुजौली, भटवारा, सोनई कंजेहरा और पहाड़नगर टिकरिया।

एलडीए ने क्या कहा

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि किसानों को लैंड पूलिंग में जमीन देने का पर्याप्त मौका दिया गया; जिन्होंने जमीन नहीं दी, उनकी जमीन अब अधिग्रहित की जाएगी। लैंड पूलिंग में जमीन देने वाले किसानों को विकसित जमीन का 25% प्लॉट के रूप में वापस मिलता है, और ये प्लॉट आवंटित किए जा रहे हैं। (अमर उजाला, 6 अक्टूबर 2026)

अपडेट, 14 अक्टूबर: विकास कार्य सुस्त, वीसी ने 15 दिन की मोहलत दी

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मंगलवार को आईटी सिटी का औचक निरीक्षण किया। सड़क, नाली और सीवर के लिए चिह्नित ज़मीन पर धान की रोपाई मिली। उन्होंने अर्जन विभाग के एक आउटसोर्स राजस्व निरीक्षक को काम से हटाया, कई इंजीनियरों पर प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की और विकास कार्य तेज़ करने के लिए 15 दिन दिए।

लैंड पूलिंग में ज़मीन देने वाले 1,465 किसानों को 2,197 भूखंड सेक्टर 9, 15, 16, 17, 18 और 30 में आवंटित हुए हैं। योजना के सात गांवों और 10 मजरों में सड़क, सीवर, पेयजल और जल निकासी पर करीब ₹100 करोड़ खर्च होंगे। (अमर उजाला, 14 अक्टूबर 2026)

किसानों से आवंटित प्लॉट खरीद रहे हैं? सेक्टर में सड़क-सीवर अभी नहीं बने हैं, इसलिए कब्जा और निर्माण में समय लगेगा। आवंटन पत्र और एलडीए रिकॉर्ड में नाम ज़रूर मिलाएं।

खरीदारों और किसानों के लिए इसका मतलब

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स्रोत: अमर उजाला, 6 अक्टूबर 2026, ईटीवी भारत, जून 2026