लखनऊ • 16 अक्टूबर 2026
मुख्य बातें
- आवास विकास परिषद 5 नवंबर 2026 को मेरठ, लखनऊ, आगरा, बरेली, वाराणसी, गोरखपुर और कानपुर ज़ोन की खाली आवासीय, शैक्षणिक और अन्य गैर-आवासीय संपत्तियों की ई-नीलामी करेगा।
- पंजीकरण और टोकन राशि जमा करने की तारीख: 21 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026।
- जिस संपत्ति पर 5 नवंबर को सिर्फ एक बोली आएगी, उसकी दोबारा नीलामी 27 नवंबर को होगी (नए आवेदक 7 से 26 नवंबर तक पंजीकरण करा सकेंगे)।
- इससे पहले की नीलामी (7 अक्टूबर) में एक ही बोली वाली संपत्तियों की दोबारा नीलामी 29 अक्टूबर को है — इसका पंजीकरण 28 अक्टूबर तक खुला है।
- नीलामी सिर्फ ऑनलाइन पोर्टल upavpauction.procure247.com पर होगी।
तारीखें एक नज़र में
| नीलामी | पंजीकरण व टोकन राशि | नीलामी की तारीख |
|---|---|---|
| दोबारा नीलामी (7 अक्टूबर वाली संपत्तियां) | 9 – 28 अक्टूबर 2026 | 29 अक्टूबर 2026 |
| नई ई-नीलामी | 21 अक्टूबर – 4 नवंबर 2026 | 5 नवंबर 2026 |
| दोबारा नीलामी (5 नवंबर में एक बोली वाली) | 7 – 26 नवंबर 2026 | 27 नवंबर 2026 |
ये तारीखें परिषद की अपनी सूचनाओं से हैं — 5 नवंबर की नीलामी का विज्ञापन 16 अक्टूबर को और 29 अक्टूबर की दोबारा नीलामी की सूचना (पत्र सं. 1216/स॰प्र॰-3/ई-नीलामी, 29 सितंबर 2026) परिषद की वेबसाइट पर जारी हुई। (परिषद का विज्ञापन, दोबारा नीलामी की सूचना)
किस योजना में कौन-सी संपत्ति, उसका क्षेत्रफल और आरक्षित मूल्य — यह पूरी सूची परिषद की वेबसाइट upavp.in और नीलामी पोर्टल पर दी गई है। लखनऊ में परिषद की प्रमुख योजनाएं वृंदावन योजना और अवध विहार हैं।
नीलामी की शर्तें जो पहले जान लें
- संपत्तियां "जहां है जैसे है" के आधार पर बेची जाएंगी — बोली से पहले जगह खुद जाकर देखें।
- कब्ज़ा मिलने के 5 साल के अंदर नक्शा पास कराकर निर्माण पूरा करना होगा, वरना नियम के अनुसार अनिर्माण शुल्क / समय वृद्धि शुल्क लगेगा।
- आरक्षित श्रेणी की संपत्ति पर बोली के लिए आरक्षण प्रमाण पत्र पोर्टल पर "Other Document" में अपलोड करना होगा। बाद में अपात्र पाए जाने पर पूरी टोकन राशि ज़ब्त हो जाएगी।
- कोर्ट में चल रहे मामलों या अन्य कारणों से नीलामी की संपत्तियों की संख्या घट-बढ़ सकती है।
- हेल्पलाइन: 1800-180-5333 (टोल फ्री), 0522-2236803; ई-नीलामी के लिए 6354910183, 9274416926।
खरीदारों के लिए इसका मतलब
परिषद की नीलामी में ज़मीन सीधे सरकारी संस्था से मिलती है, इसलिए टाइटल का जोखिम निजी प्लॉट से कम होता है। फिर भी बोली लगाने से पहले संपत्ति पर कब्ज़ा, अतिक्रमण, पहुंच मार्ग और कोई कोर्ट केस तो नहीं — यह ज़रूर जांचें, क्योंकि शर्त "जहां है जैसे है" की है। लखनऊ की योजनाओं की जानकारी: वृंदावन योजना गाइड और अवध विहार योजना गाइड।
खरीदने से पहले जाँच कराएँ
खतौनी, रजिस्ट्री की चेन, भार-मुक्त प्रमाणपत्र (Encumbrance), LDA/जिला पंचायत की मंज़ूरी और कोर्ट केस — आवासीय प्लॉट और फ़्लैट के लिए ₹5,000, 48 घंटे में PDF रिपोर्ट। देखें हम क्या-क्या जाँचते हैं →
स्रोत: उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद, ई-नीलामी विज्ञापन, 16 अक्टूबर 2026, परिषद की सूचना, 29 सितंबर 2026